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To samjho pyaar hai ......
कवि - गजेंद्र ........
कभी किसी की याद आए तो समझो प्यार है प्यार नही है मोहताज रुसवाई का गले कोई अपने लगाए तो समझो प्यार है
आग लग जाती है उनकी जफ़ा सुनकर वही फिर आग बुझाए तो समझो प्यार है
प्यार के दो पल ही जीवन बना देते हैं इन्ही पलों मे जो जीवन बिताए तो समझो प्यार है
कितना प्यार करते है कैसे बताएँ उनको वो आँखो से समझ जाएँ तो समझो प्यार है
कभी किसी की याद जो आए
तो
तो
तो
"अब समझ भी लो की प्यार है"
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